About the Author:
शंकर जी सिंह
(कवि/साहित्यकार)
जन्मस्थान : बलिया (उत्तर-प्रदेश)
पिता : श्री नागेन्द्र नाथ सिंह
माता : स्व. श्रीमती सावित्री देवी
लेखन : कविता, गीत, ग़ज़ल, कहानी, निबंध, उपन्यास, एकांकी नाटक
एवं बाल काव्य ।
प्रकाशित पुस्तकें :
‘प्रश्नवाचक चिन्ह’ (लघुकथा संग्रह)
हिन्दी, अंग्रेजी और पंजाबी तीन भाषाओं में प्रकाशित ।
‘रिश्तों का रेखागणित’ (काव्य संग्रह) ।
‘स्मृतियों के दंश’ (काव्य संग्रह) ।
‘तन को झुलसाती बरसातें’ (गीत संग्रह) ।
‘पंछी चले नीड़ की ओर’ (काव्य संग्रह) ।
‘राम धरा पर पुन: पधारो’ (भक्ति गीत संग्रह) ।
उत्तर-प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ द्वारा पुरस्कृत । ‘सृजन के स्वर’ (निबंध संग्रह) ।
‘मेरी माँ’ (माँ पर केंद्रित कविता संग्रह) ।
‘साँझ का मिहिर’ (कहानी संग्रह) ।
पहले जैसा प्यार कहाँ है ? (मुक्तक संग्रह) ।शीघ्र प्रकाश्य :
‘मेरो श्याम न दूजो कोय’ (उद्धव-गोपी संवाद)
‘मेरी संज्ञा’ (नई कविता) ।
‘सड़क सुरक्षा और टोका-टोकी : एक अभिनव प्रयास’
(यातायात संबंधी संग्रह) ।
‘काश ! अभी मैं बच्चा होता’ (बाल काव्य संग्रह) ।
‘यहाँ कहाँ तन्हाई हैं’ (ग़ज़ल संग्रह) ।
संस्थापक-संरक्षक :
‘शब्द सुमन’ राष्ट्रीय हिन्दी मासिक पत्रिका ।
संरक्षक :
डॉ. श्याम निर्मम फाउंडेशन, दिल्ली ।
डॉ. श्याम निर्मम शोध संस्थान, गाज़ियाबाद-दिल्ली ।
बुंदेलखंड कलार्पण भारत न्यास, बुंदेलखंड ।
‘साहित्य कलश’
(पंजाब की पहली हिन्दी साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका जिसे नेत्रहीन दोस्त भी पढ़ और सुन सकते हैं )सम्प्रति : सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सहारनपुर मंडल (उत्तर-प्रदेश) ।
मेरो श्याम न दूजो कोय (उद्धव-गोपी संवाद)
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