फिल्मों का संसार अद्वितीय और अत्यन्त विशाल है, जिसमें कलाकारों का संगम, कथाएं, और संदेश अनगिनत रंगों में पिघलते है। यह बहुभाषी और बहुभूमिक धारा हर किसी के दिलों में एक समान धड़कने का अहसास कराती है। हिंदी सिनेमा इस बहुमूल्य विरासत का अमूल्य अंग है जो भारतीय सांस्कृतिक भूमि पर आत्म-प्रतिष्ठा और गर्व का प्रतीक बन चुका है। इसलिए, हमारी प्रस्तावित पुस्तक " हिंदी सिनेमाः बदलते आयाम, गहराती पहचान" इस सांस्कृतिक अन्वेषण की ओर एक कदम है जो हमें हिंदी सिनेमा के इतिहास और समकालीन स्थितियों को समझने के लिए प्रेरित करता है।
हिंदी सिनेमाः बदलते आयाम, गहराती पहचान
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