"राजश्री" जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक ऐतिहासिक नाटक है, जो उनके प्रसिद्ध नाटकों में से एक है। यह नाटक 1915 में प्रकाशित हुआ था और इसमें ऐतिहासिक घटनाओं को दिखाया गया है, जिसमें गुप्तकालीन स्थानेश्वर और कन्नौज के राजाओं की कहानियाँ शामिल हैं, जो मालवा और गौड़ के ईर्ष्यालु शासकों का सामना करते हैं। जयशंकर प्रसाद आधुनिक हिंदी साहित्य के एक प्रमुख स्तंभ थे और उन्होंने कविता, नाटक, कहानी और उपन्यास जैसी विभिन्न विधाओं में रचनाएँ कीं।
राजश्री
जयशंकर प्रसाद

















