मैथिलीशरण गुप्त की "भारत-भारती" स्वदेश-प्रेम की भावना जगाने वाली एक प्रसिद्ध काव्यकृति है, जो 1912 में लिखी गई और 1914 में प्रकाशित हुई। इस काव्य को तीन खंडों में बांटा गया है - 'अतीत', 'वर्तमान', और 'भविष्यत्' - जिसमें भारत के प्राचीन गौरव, वर्तमान दुर्दशा और भविष्य के लिए समाधान का चित्रण किया गया है। इस कृति ने भारतीय राष्ट्रीय चेतना के जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत-भारती
मैथिलीशरण गुप्त

















