अहंकार मूलतः फ्रेंच उपन्यास है। जिसकी रचना अनातोले फ्रांस ने थायस नाम से किया था। प्रेमचंद ने इस उपन्यास का अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद किया है। इस उपन्यास का मूल प्रतिपाद्य ईश्वरीय आस्था व विश्वास है।
मूल उपन्यास:
अनातोले फ्रांस द्वारा लिखित 'थायस'।
हिन्दी अनुवादक:
मुंशी प्रेमचंद।
अनुवाद का विषय:
यह एक ऐसा उपन्यास है जिसमें ईश्वरीय आस्था, जीवन के दुःख और उनके कारण, तथा अहंकार के दमन पर गहरा विचार किया गया है।
प्रेमचंद का दृष्टिकोण:
प्रेमचंद ने इस अनुवाद के माध्यम से फ्रांसीसी साहित्य को ऊँचा दर्जा दिया और इसे यूरोप के सबसे उत्कृष्ट साहित्य में से एक माना।
अहंकार
अनातोल फ्रांस अनुवादक प्रेमचंद

















