लेखक नोट
मैं प्राची सिंह, मेरा जन्म उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, 1980 में हुआ। अपने जीवन की यात्रा में मैंने हमेशा यह महसूस किया कि स्वास्थ्य केवल शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन, आत्मा और रिश्तों के संतुलन से जुड़ा हुआ है। इसी गहन अनुभव को समझने के लिए मैंने योग, आयुर्वेद और ज्योतिष का अध्ययन किया। इन विधाओं ने मुझे यह सिखाया कि हर आत्मा अद्वितीय है और हर व्यक्ति अपने भीतर संतुलन व प्रकाश खोज सकता है।अपने आसपास के लोगों को परामर्श देने के अनुभव ने मुझे यह और स्पष्ट कर दिया कि जीवन की हर चुनौती के भीतर एक अवसर छिपा है—अपने असली स्वरूप को पहचानने का।जीवन की यात्रा ने मुझे यह अनुभव कराया कि स्वास्थ्य और कल्याण केवल शरीर तक सीमित नहीं है। इसी समग्र दृष्टिकोण ने मुझे एक समग्र कल्याण परामर्शदाता (Holistic Wellbeing Consultant) बनने की प्रेरणा दी।जब कोई व्यक्ति खुद को “मन, शरीर और आत्मा के समग्र संतुलन की परामर्शदाता” कहता है, तो उसका कार्य सिर्फ़ बीमारी ठीक करना नहीं होता, बल्कि जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना,रिश्तों को बेहतर बनाना,आत्म-ज्ञान और आत्म-स्वीकृति सिखाना,स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता को जोड़ना।अपने जीवन और कार्य के अनुभवों में मैंने समाज को बहुत पास से देखा और परखा है। रिश्तों के उतार-चढ़ाव, जीवन की चुनौतियाँ और लोगों की मासूमियत से लेकर उनकी गहरी पीड़ाओं तक—सबने मुझे सिखाया कि हर आत्मा के भीतर एक निर्दोष नाद छिपा है, जिसे पहचानना और सँवारना ही सच्चा कल्याण है।यह पुस्तक मेरे पूरे जीवन का निचोड़ है। इसमें मैंने अपने अनुभवों, अवलोकनों और आध्यात्मिक यात्रा को शब्दों में ढालने का प्रयास किया है। मेरा उद्देश्य केवल विचार प्रकट करना नहीं है, बल्कि समाज, माता-पिता, अध्यापकों और किशोरों तक एक गहरा संदेश पहुँचाना है—कि हमें अपने शाश्वत सत्य और निर्दोष अस्तित्व की रक्षा करनी चाहिए।मेरा विश्वास है कि यदि माता-पिता और शिक्षक इस दृष्टिकोण को अपनाएँ, तो आने वाली पीढ़ी न केवल मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ होगी, बल्कि एक ऐसे समाज का निर्माण करेगी जहाँ प्रेम, करुणा और सच्चाई सर्वोपरि होंगे।यह पुस्तक केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीने के लिए है।मैं आशा करती हूँ कि यह यात्रा आपको भी उतनी ही गहराई से छुएगी, जितनी यह मुझे रूपांतरित कर चुकी है।
मैं आशा करती हूँ कि यह पुस्तक पाठकों के लिए केवल पठन सामग्री न रहकर, आत्मचिंतन और जीवन परिवर्तन का माध्यम बने।
सप्रेम,
प्राची सिंह
आरोग्य स्पर्श: स्वास्थ्य समृद्धि की आध्यात्मिक यात्रा
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