स्वामी विवेकानन्द के अनुसार, मानव मन में असीमित क्षमता और शक्तियां छिपी हैं, जिन्हें सही दिशा, एकाग्रता (Concentration) और आत्मविश्वास के माध्यम से जगाया जा सकता है। उनका मानना था कि मन की शक्तियों को एक बिंदु पर केंद्रित करने से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है, जो सफलता और आत्म-साक्षात्कार की कुंजी है।
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