भगवान श्री राम की कथा बहुत पुरानी है और इसे बहुत से लोगों ने बहुत तरीक़े से कहा है। एक तरीका महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का है और यह तरीका उन्होंने बच्चों के लिए विकसित किया है। उनके कहने का तरीका इतना सरल, कौतुकपूर्ण और जीवंत है कि जो लोग यह कथा जानते हैं, उन्हें भी पढ़ने में रस मिलेगा। मुंशी प्रेमचंद रामकथा के उन मार्मिक स्थलों को पहचानते हैं जो बच्चों के लिए रुचिकर और श्रेयस्कर दोनों हैं। लेकिन पढ़ते हुए यह ध्यान रखना ज़रूरी हैकि यह इतिहास या महाकाव्य नहीं, उपन्यास है।
रामचर्चा
मुंशी प्रेमचंद

















