सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' का 'प्रभावती' एक ऐतिहासिक उपन्यास है जो पृथ्वीराज और जयचंद के काल की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें राजाओं और सामंतों के बीच विवाह और कन्यादान जैसे कारणों से होने वाले संघर्षों को दर्शाया गया है. इस उपन्यास का उद्देश्य आधुनिक भारतीय नारियों में संघर्ष चेतना का विकास करना है, जैसा कि उपन्यास की नायिका प्रभावती के स्वाभिमानी चरित्र से प्रदर्शित होता है.
प्रभावती
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

















